मांगीला हम बरदान हे गंगा मैया लिरिक्स (Hey Ganga Maiya Lyrics) भारतीय लोकगीतों में आस्था और पारिवारिक आदर्शों का जो सुंदर संगम देखने को मिलता है, वह दुनिया के किसी अन्य साहित्य में दुर्लभ है। एक सुहागिन स्त्री के सपनों और उसके आदर्श परिवार की कामना को दर्शाता यह अत्यंत पवित्र लोकगीत— "मांगीला हम बरदान हे गंगा मैया" (Maangila Hum Bardaan), सदियों से मिथिला और बिहार की महिलाओं के होंठों पर गूँजता आ रहा है। इससे पहले हमने "हे छठि मैया हरु दुख मोर" में एक परदेसी का दर्द देखा था। आज का यह गीत हमें सीधे रामायण काल की पवित्रता में ले जाता है, जहाँ एक नारी अपने लिए मिथिला के जनकपुर जैसा नैहर (मायका) और अयोध्या जैसा ससुराल मांगती है। इस गीत का भाव और समर्पण बिल्कुल वैसा ही है जैसा हम मीरा बाई के भजनों (म्हाँने कह्यो मेरी माय) में देखते हैं। आइए, भारतीय संस्कृति के इस अमर लोकगीत के हर एक शब्द में बसने वाले राम-सीता के प्रेम को महसूस करें। ▶️ यहाँ क्लिक करके सीधा वीडियो दे...