सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

kon-jal-pateba-maalin-lyrics लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

कोन जल पटैबS मालिन लिरिक्स: छठी मईया का सबसे पवित्र फूल गीत!

कोन जल पटैबS मालिन बेली-चमेली लिरिक्स (Kon Jal Pateba Maalin) छठ महापर्व में भगवान सूर्य को अर्पित की जाने वाली हर एक वस्तु पूर्णतः शुद्ध और सात्विक होती है। प्रकृति और मानव के बीच के इसी पवित्र संबंध को दर्शाता है यह अद्भुत लोकगीत— "कोन जल पटैबS मालिन, बेली-चमेली" । इस गीत में एक व्रती महिला (बरतिन) और फूल चुनने वाली मालिन (Gardener) के बीच का बेहद मधुर संवाद है, जिसमें वे भगवान दीनानाथ के लिए फूलों की माला गूंथने की तैयारी कर रही हैं। इससे पहले हमने "अंगना में पोखरि खुनायल" में घर को घाट बनते देखा, "अपने तS जाइ छ हो भैया" में भाई-बहन का प्रेम और "हमरो के पार लगैया" व "हमरो पर होइयौ सहाय" में अटूट आस्था को महसूस किया। ये गीत मिथिला के धिया सिया और हमर मनक गाँव की सोंधी खुशबू लिए हुए हैं। आइए, भारतीय संस्कृति के इस पवित्र फूल-गीत के अर्थ में डूब जाएँ। ▶️ यहाँ क्लिक करके सीधा वीडियो देखें और साथ में गाएं ...