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बादल को घिरते देखा है: व्याख्या और भावार्थ (Class 11) | नागार्जुन

बादल को घिरते देखा है: व्याख्या और भावार्थ (Class 11) परिचय: हिंदी साहित्य के प्रगतिवादी कवि बाबा नागार्जुन की यह कविता ' बादल को घिरते देखा है ' प्रकृति प्रेम और यथार्थवाद का बेजोड़ उदाहरण है। यह उनके काव्य संग्रह ' युगधारा ' से ली गई है और Class 11 Hindi (Antara) पाठ्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा है। 📥 Click Here to Download PDF Notes (Notes अंत में दिए गए हैं) 📌 परीक्षा उपयोगी: सप्रसंग व्याख्या का प्रारूप संदर्भ (Reference): प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्यपुस्तक 'अंतरा भाग-1' (Class 11) की कविता 'बादल को घिरते देखा है' से ली गई हैं। इसके रचयिता प्रगतिवादी कवि नागार्जुन हैं। प्रसंग (Context): इन पंक्तियों में कवि ने हिमालय के सौंदर्य और बादलों के घिरने का यथार्थवादी चित्रण किया है। विशेष (Key Points): 1. भाषा सरल और तत्सम प्रधान है। 2. प्रकृति का मानवीकरण किया गया है। नीचे हम पूरी कविता का Stanza-wise Meaning (पद-व्याख्या) और शब्दार्थ प्रस्तुत कर रहे हैं। 1. हिमालय और मा...