सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

Maithili-Thakur लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Baba Baidyanath Hum Aayal Chhi Bhikhariya Lyrics | Maithili Shiv Nachari Meaning & Video

Baba Baidyanath Hum Aayal Chhi Bhikhariya – Maithili Shiv Nachari Lyrics & Meaning मिथिलांचल की पावन भूमि पर भगवान शिव की आराधना केवल पूजा नहीं, बल्कि एक भावनात्मक संवाद (Emotional Dialogue) है। जब भी कोई भक्त अपनी दीनता, विवशता और सांसारिक कष्टों को लेकर महादेव के द्वार पर पहुँचता है, तो उसके कंठ से स्वतः ही फूट पड़ता है— "बाबा बैद्यनाथ हम आयल छी भिखरिया।" "हे बाबा! मैं आपके द्वार पर एक भिखारी बनकर आया हूँ..." यह केवल एक लोकगीत या मैथिली नचारी नहीं है, बल्कि यह हर उस श्रद्धालु की पुकार है जो देवघर (Baidyanath Dham) के कामना लिंग के समक्ष नतमस्तक है। ठीक वैसे ही जैसे सुदामा श्री कृष्ण के द्वार पर अपनी दीनता लेकर गए थे, वैसे ही यहाँ भक्त शिव के द्वार पर खड़ा है। महाकवि विद्यापति ने जिस नचारी विधा को साहित्यिक ऊँचाई प्रदान की, उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए कवि काशीनाथ ने इसमें भक्त और भगवान के बीच के अटूट रिश्ते को पिरोया है। चाहे शारदा सिन्हा की मर्मस्पर्शी आवाज़ हो या युवा मैथिली ठाकु...