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Singh Par Ek Kamal Rajit: Vidyapati Geet Lyrics & Deep Meaning

मिथिला की भक्ति परंपरा और गीत का संदर्भ

भारतीय साहित्य और भक्ति परंपरा में देवी की आराधना के अनेक रूप मिलते हैं, लेकिन मिथिला की पावन भूमि पर रचे गए गीतों में जो सौंदर्य बोध है, वह अद्वितीय है। जिस मिथिला की माटी ने मिथिला के धिया सिया जैसे मार्मिक गीतों के माध्यम से नारी के आदर्श और संघर्ष को पूजा है, उसी माटी ने शक्ति के विराट रूप को भी शब्दों में ढाला है।

क्या आपने कभी सोचा है कि एक शेर (Lion) के ऊपर कमल (Lotus) कैसे खिल सकता है? भौतिक जगत में यह असंभव प्रतीत होता है, किन्तु महाकवि विद्यापति की लेखनी से यह नायिका के सौंदर्य की पराकाष्ठा बन जाता है। जहाँ एक ओर विद्यापति के जेहने किशोरी मोरी तेहने किशोर हे जैसे भजनों में युगल सरकार के सुकुमार रूप का वर्णन है, वहीं इस भगवती गीत में तंत्र ज्ञान और गूढ़ साधना का मार्ग प्रशस्त किया गया है।

Goddess Durga seated on a lotus upon a lion with Brahma, Vishnu, and Mahesh worshipping, illustrating the Vidyapati Maithili song Singh Par Ek Kamal Rajit.
"Brahma, Vishnu, Mahesh Thadh": त्रिदेवों द्वारा भगवती की स्तुति करते हुए दृश्य।

सिंह पर एक कमल राजित: शुद्ध लिरिक्स

हिंदी लिरिक्स (Hindi Lyrics)

(स्थायी)
सिंह पर एक कमल राजित, ताहि ऊपर भगवती।
ताहि ऊपर एक कमल राजित, ताहि ऊपर भगवती।।

(अंतरा 1)
हसती खल-खल, दाँत झल-झल,
रूप सुंदर भगवती।
सिंह पर एक कमल राजित, ताहि ऊपर भगवती।।

(अंतरा 2)
शंख गहि-गहि, चक्र गहि-गहि,
खड्ग गहि जगतारिणी।
परशु गहि-गहि, पाश गहि-गहि,
असुर दल संहारिणी।।
सिंह पर एक कमल राजित...।।

(अंतरा 3)
उदित दिनकर लाल छवि,
अति रूप सुंदर शोभती।
ब्रह्मा, विष्णु, महेश ठाढ़,
करथि स्तुति विनती।।
सिंह पर एक कमल राजित...।।

Hinglish Lyrics

(Sthai)
Singh par ek kamal raajit, taahi upar Bhagwati.
Taahi upar ek kamal raajit, taahi upar Bhagwati..

(Antara 1)
Hasati khal-khal, daant jhal-jhal,
Roop sundar Bhagwati.
Singh par ek kamal raajit, taahi upar Bhagwati..

(Antara 2)
Shankh gahi-gahi, chakra gahi-gahi,
Khadg gahi jag-taarini.
Parshu gahi-gahi, paash gahi-gahi,
Asur dal sanhaarini..
Singh par ek kamal raajit...

(Antara 3)
Udit dinkar laal chhavi,
Ati roop sundar shobhati.
Brahma, Vishnu, Mahesh thaadh,
Karathi stuti vinati..
Singh par ek kamal raajit...

गहन भावार्थ: संध्या भाषा और तांत्रिक रहस्य

यह गीत मात्र शब्दों का समन्वय नहीं, अपितु एक तांत्रिक दृश्य (Visual Meditation) है। विद्यापति ने यहाँ कूट शैली का प्रयोग किया है:

  • सिंह (Lion) = कटि (कमर): काव्य शास्त्र में आदर्श नायिका की कमर को 'सिंह-कटि' कहा जाता है, जो पतली, सुडौल और बलशाली होती है।
  • कमल (Lotus) = मुख (चेहरा): कमल कोमलता और तेज का प्रतीक है, जो देवी के तेजोमय मुख-मंडल को दर्शाता है।

सरल शब्दों में: माँ जगदम्बा की सिंह जैसी शक्तिशाली कमर के ऊपर उनका कमल जैसा परम सुंदर मुख सुशोभित है।

Fierce form of Goddess Durga holding a sword and skull, depicting the line Khadag Lelani Maharani from the Maithili folk song Singh Par Ek Kamal Rajit.
"Khadag Gahi Jagtarini": देवी का रौद्र और संहारक रूप।

नारीवादी परिप्रेक्ष्य और भावात्मक गहराई

यहाँ कमल (कोमलता) सिंह (प्रचंड शक्ति) के ऊपर आरूढ़ है। यह दर्शाता है कि स्त्री की सौम्यता उसकी अदम्य शक्ति (सिंह) के आधार पर टिकी है। वह अबला नहीं, सबला है। मैथिली साहित्य की यह भावात्मक गहराई और प्रेम का यह अद्भूत स्वरूप हमें हरिनाथ झा के जो रे चान जो ई सनेस नेने जो जैसे गीतों में भी देखने को मिलता है, जहाँ प्रेम और संदेश को प्रकृति के माध्यम से पिरोया गया है। उसी प्रकार, विद्यापति ने 'सिंह' (भय) और 'कमल' (प्रेम) को एक साथ रखकर श्रोता को एक गहरी ध्यानस्थ अवस्था में ला दिया है।

वीडियो: शारदा सिन्हा की कालजयी प्रस्तुति

इस दिव्य गीत का वास्तविक अनुभव श्रवण के बिना अधूरा है। नीचे पद्म भूषण शारदा सिन्हा जी द्वारा गाए गए इस अमर गीत का आनंद लें:

Beautiful Goddess Durga in a red saree seated on a lion, representing the verse Udit Dinkar Lal Chhavi from Sharda Sinha's Maithili song.
"Udit Dinkar Lal Chhavi": देवी का कांतिमय, लालिमा युक्त सौम्य स्वरूप।

निष्कर्ष (Conclusion)

"सिंह पर एक कमल राजित" महाकवि विद्यापति की उस अदभुत दृष्टि का प्रमाण है जहाँ भक्ति, साहित्य और दर्शन एक हो जाते हैं। यह गीत हमें सिखाता है कि शक्ति और सौंदर्य एक दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।

"यह गीत केवल सुनने के लिए नहीं, बल्कि शब्दों के माध्यम से देवी के विराट, सशक्त और सौम्य स्वरूप को एक साथ देखने के लिए है।"

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