"जो रे चान जो ई सनेस नेने जो" (Jo Re Chan Jo E Sanes Nene Jo) हरिनाथ झा द्वारा गाओल एक अत्यंत मार्मिक आ लोकप्रिय मैथिली विरह गीत अछि। जँ अहाँ Jo Re Chan Jo lyrics in Maithili, Hari Nath Jha Maithili song lyrics, अथवा full Maithili lyrics with meaning खोजि रहल छी, तँ एहि पृष्ठ पर अहाँकेँ शुद्ध बोल, शब्दार्थ, आ एहि गीतक गहीर साहित्यिक विश्लेषण भेटत। ई गीत दाम्पत्य जीवनक नोकझोंक आ प्रकृति सँ संवादक एकटा अनुपम उदाहरण थिक।
"धिया रहति कतेक दिन बाबाक अंगना" — मैथिली लोकगीतक सभ सँ मार्मिक पंक्तिमे सँ एक मानल जाइ अछि, जे विरह आ सामाजिक यथार्थ केँ जीवंत करैत अछि।
🎵 गीतक विवरण (Song Credits)
- 🎤 गायक (Singer): हरिनाथ झा (Hari Nath Jha)
- 🎼 संगीत (Music): हरिनाथ झा
- 🎬 फिल्म/एल्बम (Album): गजल (Gazal)
- ✍️ गीतकार (Lyricist): श्री सुधीर झा / पारंपरिक मैथिली
मैथिली साहित्यिक परंपरा में ई गीतक स्थान: मैथिली साहित्यक विरह परंपरा पर साहित्य अकादमी आ IGNCA द्वारा उपलब्ध शोध दस्तावेजसभमे सेहो 'प्रकृति-दूत' अवधारणा केँ प्रमुख स्थान भेटैत अछि। हरिनाथ झा क ई गीत ओहि समृद्ध परंपरा क एकटा सजीव आधुनिक प्रस्तुति थिक।
📜 जो रे चान जो ई सनेस नेने जो - शुद्ध मैथिली बोल (Full Lyrics)
आ आ आ आ आ आ आ आ आ...
जो रे चान जो ई सनेस नेने जो
जो रे चान जो ई सनेस नेने जो
दू कोस पूर्व जा कऽ उगू पियाक अंगना
छैथ छोट-छीन गप लै रूसल पहुना
जो रे चान जो ई सनेस नेने जो
दू कोस पूर्व जा कऽ उगू पियाक अंगना
छैथ छोट-छीन गप लै रूसल पहुना
छैथ छोट-छीन गप लै रूसल पहुना
भेल चूक किए एहन जे तोरल पिरीत?
कोना मेटि देल दैवक जे लिखल पिरीत?
भेल चूक किए एहन जे तोरल पिरीत?
कोना मेटि देल दैवक जे लिखल पिरीत?
किए दऽ देब, एतेक कठोर नै होता
कोना घरे मे हमरा वनवास दऽ देता
दिअ उलहन...
दिअ उलहन ई टिकुली खिझाबै कंगना
दिअ उलहन ई टिकुली खिझाबै कंगना
छैथ छोट-छीन गप लै रूसल पहुना
छैथ छोट-छीन गप लै रूसल पहुना
मन पाएर दिहल, थामल अभागलीक हाथ
तोरे सोझाँ मे जिनगी भर रहैक साथ
मन पाएर दिहल, थामल अभागलीक हाथ
तोरे सोझाँ मे जिनगी भर रहैक साथ
क्रोध पुरूषक पहिचान, मुदा एतेक नै ठीक
केकरो जिनगीक सवाल पर ई चुप्पी नै नीक
करू टोना...
करू टोना वा विनती मनाबी कहुना
करू टोना वा विनती मनाबी कहुना
छैथ छोट-छीन गप लै रूसल पहुना
छैथ छोट-छीन गप लै रूसल पहुना
प्रान तजितौँ मुदा सब खिस्सा बनाएत
इतिहास हुनक नाम पर प्रश्न-चिह्न लगाएत
प्रान तजितौँ मुदा सब खिस्सा बनाएत
इतिहास हुनक नाम पर प्रश्न-चिह्न लगाएत
जँ जीब तऽ अपना उपहास बनि कऽ
ई व्यथा जा सुनाबी कतेक कानि कऽ
धिया रहति...
धिया रहति कतेक दिन बाबाक अंगना
धिया रहति कतेक दिन बाबाक अंगना
छैथ छोट-छीन गप लै रूसल पहुना
छैथ छोट-छीन गप लै रूसल पहुना
जो रे चान जो ई सनेस नेने जो
दू कोस पूर्व जा कऽ उगू पियाक अंगना
छैथ छोट-छीन गप लै रूसल पहुना...
हूं हूं हूं हूं हूं हूं...
📖 जो रे चान जो ई सनेस नेने जो - गीतक अर्थ आ भाव (Meaning)
मैथिली लोक साहित्यमे प्रकृति केँ दूत बनेबाक परम्परा बहुत पुरान अछि। एहि गीतमे एकटा नवविवाहिताक पति (पहुना) छोट-छीन गप (मामूली बात) पर रूसि गेल छथि। नायिका रातिक चंद्रमा केँ संबोधित करैत कहैत छथि जे "हे चान! अहाँ हमर ई सनेस (संदेश) लऽ कऽ जाऊ आ दू कोस पूर्व दिस हमर पियाक अंगनामे उगू।"
गीतक अन्तरा मे स्त्री विमर्शक अत्यंत गहीर बात कहल गेल अछि— "क्रोध पुरूषक पहिचान, मुदा एतेक नै ठीक / केकरो जिनगीक सवाल पर ई चुप्पी नै नीक।" ई पुरुष प्रधान समाज पर एकटा सौम्य मुदा तीक्ष्ण कटाक्ष अछि। संगे, "धिया रहति कतेक दिन बाबाक अंगना" पंक्ति एकटा बेटीक ओहि असहाय स्थिति केँ दर्शबैत अछि जतय विवाहक बाद नैहर मे बेसी दिन रहब ओकरा लेल सामाजिक संताप बनि जाइ अछि।
📚 मैथिली साहित्यक अन्य अनमोल धरोहरि
हरिनाथ झा जीक एहि विरह गीत जकाँ, मिथिलाक माटिमे अनेकन भाव नुकायल अछि। मैथिलीक गौरवशाली परम्परा केँ बुझबाक लेल अहाँ विद्यापति क विरह परंपरा सँ जुड़ल रचना सभ पढ़ि सकैत छी, जतय शिव आ पार्वतीक गृहस्थीक वर्णन चन्द्रमुखी सन गौरी हमर छैथ आ नभ नचारी सन अद्भुत विद्यापति गीतमे भेटैत अछि।
जँ अहाँ मिथिलाक बेटीक मार्मिक कथा केँ आओर नीक जकाँ बुझय चाहैत छी, तँ सीता माताक विरह पर आधारित मिथिला के धिया सिया अवश्य सुनू। भक्ति भावक बात करी तँ देवघर यात्राक बाबा बैद्यनाथ हम आयल छी भिखरिया आ शारदा सिन्हा जीक सुमधुर स्वरमे जगदम्बा घर में दियारा जेहन गीत प्राणमे बसैत अछि।
एकर अतिरिक्त, मिथिलाक पारम्परिक विवाह संस्कारक चालू चालू चालू काकी (परिछन गीत) आ आधुनिक परिवेशक झलक रंगीला ई बिहार भऽ गेलै (विक्रम बिहारी) मे अत्यंत सुंदर ढंग सँ पिरोयल गेल अछि।
🎥 आधिकारिक वीडियो सुनू (Listen to the Official Song)
💡 अक्सर पुछल जाइ वाला प्रश्न (FAQs)
1. जो रे चान जो ई सनेस नेने जो गीतक गायक के छथि?
एहि लोकप्रिय गीत केँ प्रसिद्ध मैथिली गायक हरिनाथ झा अपन मधुर स्वर सँ सजलनि अछि। एकर संगीत सेहो हुनके द्वारा देल गेल अछि。
2. एहि गीतमे "चान" केँ सनेस किएक देल जा रहल अछि?
मैथिली साहित्य आ 'मेघदूत' सन परम्परामे प्रकृति केँ दूत बनेबाक चलन अछि। जखन नायिकाक पति (पहुना) रूसि गेल छथि, तँ ओ रातिक चंद्रमा (चान) केँ दूत बना कऽ अपन व्यथाक संदेश (सनेस) पठा रहल छथि।
3. ई गीत कतय सँ लेल गेल अछि?
ई सुप्रसिद्ध मैथिली गीत 'गजल' नामक एल्बम/फिल्म सँ लेल गेल अछि। ई पारंपरिक मैथिली लोकगीतक एकटा आधुनिक आ सुगम प्रस्तुति थिक।
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