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पहिले पहिल हम कईनी लिरिक्स: पहली बार छठ करने वालों का सबसे भावुक गीत!

पहिले पहिल हम कईनी लिरिक्स (Pahile Pahile Hum Kaini)

छठ महापर्व के कठोर नियमों को देखकर जब कोई महिला जीवन में पहली बार यह व्रत (Fast) उठाती है, तो उसके मन में अपार श्रद्धा के साथ-साथ एक घबराहट भी होती है कि कहीं पूजा में कोई चूक न हो जाए। इसी असीम भक्ति, समर्पण और भय के सुंदर मिश्रण को दर्शाता है यह अमर गीत— "पहिले पहिल हम कईनी छठी मईया व्रत तोहार"

इससे पहले हमने "उगह हो सूरज देव भेल भिनसरवा" में देखा था कि कैसे समाज का हर वर्ग भगवान भास्कर के सामने नतमस्तक होता है। यह नया गीत व्यक्तिगत समर्पण की पराकाष्ठा है। इसमें एक माँ अपने आँगन के बच्चे (गोदी के बलकवा) और पति के प्यार के लिए छठी मईया के सामने हाथ फैलाती है। यह गीत सुनकर आज भी भारतीय संस्कृति से जुड़े हर व्यक्ति की आँखें छलक उठती हैं।

▶️ यहाँ क्लिक करके सीधा वीडियो देखें और छठी मईया से प्रार्थना करें
संध्या अर्घ्य देती महिला - पहिले पहिल हम कईनी गीत का दृश्य
घाट पर दीप जलाकर अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करती हुई एक सुहागिन।

🎶 पहिले पहिल हम कईनी (मूल भोजपुरी-मैथिली लिरिक्स)

पहिले पहिल हम कईनी,
छठी मईया व्रत तोहार,
छठी मईया व्रत तोहार,
करिहा क्षमा छठी मईया,
भूल चूक गलती हमार,
भूल चूक गलती हमार॥

गोदी के बलकवा के दिहा,
छठी मईया ममता दुलार,
छठी मईया ममता दुलार,
पिया के सनहिया बनईहा,
मईया दिह सुख सार,
मईया दिह सुख सार॥

नारियर केरवा घोउदवा,
साजल नदिया किनार,
साजल नदिया किनार,
सुनिहा अरज छठी मईया,
बढ़े कुल परिवार,
बढ़े कुल परिवार॥

घाट सजवली मनोहर,
मईया तोर भगति अपार,
मईया तोर भगति अपार,
लिहिएं अरग हे मईया,
दिही आशीष हजार,
दिही आशीष हजार॥

पहिले पहिल हम कईनी,
छठी मईया व्रत तोहार,
छठी मईया व्रत तोहार,
करिहा क्षमा छठी मईया,
भूल चूक गलती हमार,
भूल चूक गलती हमार॥

🎶 Pahile Pahile Hum Kaini (Hinglish Lyrics)

Pahile pahil hum kaini,
Chhathi maiya vrat tohaar,
Chhathi maiya vrat tohaar,
Kariha kshama chhathi maiya,
Bhool chook galati hamaar,
Bhool chook galati hamaar||

Godi ke balakawa ke diha,
Chhathi maiya mamata dulaar,
Chhathi maiya mamata dulaar,
Piya ke sanahiya banaiha,
Maiya diha sukh saar,
Maiya diha sukh saar||

Nariyar kerwa ghoudwa,
Saajal nadiya kinaar,
Saajal nadiya kinaar,
Suniha araj chhathi maiya,
Badhe kul pariwaar,
Badhe kul pariwaar||

Ghaat sajawali manohar,
Maiya tor bhagati apaar,
Maiya tor bhagati apaar,
Lihiyen arag he maiya,
Dihi aashish hajaar,
Dihi aashish hajaar||

Pahile pahil hum kaini,
Chhathi maiya vrat tohaar,
Chhathi maiya vrat tohaar,
Kariha kshama chhathi maiya,
Bhool chook galati hamaar,
Bhool chook galati hamaar||

🌸 गीत का असली अर्थ और भावार्थ (Meaning & Analysis)

यह गीत एक ऐसी महिला के हृदय की पुकार है, जो पहली बार इस कठिन व्रत को कर रही है। वह अपनी गलतियों की माफ़ी मांगते हुए परिवार की सुख-समृद्धि मांगती है:

  • माफ़ी और विनय (भूल चूक गलती हमार): व्रती कहती है कि "हे छठी मईया, मैंने अपने जीवन में पहली बार (पहिले पहिल) तुम्हारा यह कठिन व्रत किया है। अगर पूजा में कोई भूल-चूक या गलती हो जाए, तो नादान समझकर मुझे क्षमा (Kshama) कर देना।"
  • मातृत्व और सुहाग की कामना: वह आगे मांगती है— "मेरी गोद में खेल रहे इस छोटे से बच्चे (बलकवा) को अपना ममता और दुलार देना। मेरे पति (पिया) का प्यार मुझ पर हमेशा बना रहे, मुझे यही सुख का सार देना।"
  • प्रसाद और घाट की सजावट: "नदियों के किनारे नारियल और केले के गुच्छों (घौदवा) से घाट सज गए हैं। हे मईया, मेरी अर्जी सुनना और मेरे परिवार की वृद्धि करना। मैंने अत्यंत मनोहर घाट सजाए हैं, कृपया मेरा यह अर्घ्य (Arghya) स्वीकार करें और हजारों आशीर्वाद दें।"
उषा अर्घ्य देती महिला - पहिले पहिल हम कईनी छठी मईया
प्रातःकाल में जल में खड़े होकर छठी मईया को केले और नारियल का सूप अर्पित करते श्रद्धालु।

▶️ छठी मईया का यह रूहानी वीडियो देखें

❓ गीत से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्र 1: "पहिले पहिल" (Pahile Pahil) व्रत उठाने का क्या महत्व है?

छठ महापर्व बहुत ही कठिन नियमों वाला 36 घंटे का निर्जला व्रत है। जब कोई सुहागिन पहली बार इस व्रत को करने का संकल्प लेती है, तो उसे 'पहिले पहिल' कहा जाता है। यह गीत उसी नई शुरुआत की घबराहट और अपार भक्ति को दर्शाता है।

प्र 2: व्रत में भूल-चूक की माफ़ी क्यों मांगी जाती है?

छठ को दुनिया का सबसे पवित्र त्योहार माना जाता है। इसमें साफ-सफाई और सात्विकता का कड़ाई से पालन होता है। व्रती भगवान से माफ़ी मांगती है कि अगर अनजाने में उससे कोई अशुद्धि या गलती हो गई हो, तो उसे क्षमा कर दें।

प्र 3: "गोदी के बलकवा" से क्या तात्पर्य है?

इसका अर्थ है 'गोद में खेल रहा बच्चा'। एक माँ की सबसे बड़ी पूँजी उसकी संतान होती है। वह छठी मईया से प्रार्थना करती है कि मेरे इस नन्हे बच्चे को अपना आशीर्वाद और दुलार देना।

🙏 छठी मईया आपके परिवार को सुख-समृद्धि दें!

अगर आपके घर में भी किसी ने पहली बार छठ उठाया है, तो यह गीत उनके हृदय को छू लेगा। अतुल्य भारत और बिहार पर्यटन की इस महान सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने का यह एक डिजिटल प्रयास है।

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