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हमरो पर होइयौ सहाय हे छठी मईया लिरिक्स: हर माँ का रुला देने वाला गीत!

हमरो पर होइयौ सहाय, हे छठि मइया लिरिक्स (Hamaro Par Hoiau Sahaay)

छठ पर्व केवल एक व्रत नहीं है, यह एक माँ की ममता और उसके असीम त्याग का सबसे बड़ा प्रतीक है। जब एक व्रती महिला जल में खड़ी होकर सूर्य देव और छठी मईया से अपने परिवार के लिए प्रार्थना करती है, तो उसके होंठों पर जो सबसे भावुक गीत आता है, वह है— "हमरो पर होइयौ सहाय, हे छठि मइया"

इससे पहले हमने कांचहि बांस केर गहबर लिरिक्स के गहरे अर्थ को समझा था। यह नया गीत हर उस माँ की पुकार है जो अपने बच्चों, पति और पूरे परिवार की सुख-शांति के लिए छठी मईया से मन्नत मांगती है। यह गीत सुनकर आपको हमर मनक गाँव (Hamar Manak Gaon) जैसी उदासीन और पुरानी यादों वाली कविताओं की तरह अपने पैतृक घर की याद आ जाएगी। आइए, भारतीय संस्कृति के इस अनमोल मोती के भावार्थ को गहराई से समझें।

Sunrise Arghya Devotion - Hamaro Par Hoiau Sahaay Chhath Geet
उगते सूर्य (उषा अर्घ्य) को नमन करती एक माँ, जो छठी मईया से अपने परिवार के लिए 'सहाय' (कृपा) मांग रही है।

🎶 हमरो पर होइयौ सहाय (मूल मैथिली लिरिक्स)

हमरो पर होइयौ सहाय, हे छठि मइया
हमरो पर होइयौ सहाय

चारि पहर राति जल-थल सेबलौं
सेबलौं छठि गोरथारि, हे छठि मइया
हमरो पर होइयौ सहाय

अपना लय मंगलौं अन-धन लछमी
जुग-जुग मांगलय अहिबात, हे छठि मइया
हमरो पर होइयौ सहाय

घोड़ा चढ़य लेल बेटा एक मंगलौं
मांगल घर-सच पुतोहु, हे छठि मइया
हमरो पर होइयौ सहाय

बयन बिलहै लेल बेटी एक मांगल
मांगल पंडत जमाय, हे छठि मइया
हमरो पर होइयौ सहाय

🎶 Hamaro Par Hoiau Sahaay (Hinglish Lyrics)

Hamaro par hoiau sahaay, he chhathi maieya
Hamaro par hoiau sahaay

Chaari pahar raati jal-thal sebalau
Sebalau chhathi gorathaari, he chhathi maieya
Hamaro par hoiau sahaay

Apana lay mangalau an-dhan lachhami
Jug-jug mangalay ahibaat, he chhathi maieya
Hamaro par hoiau sahaay

Ghoda chadhay lel beta ek mangalau
Maangal ghar-sach putohu, he chhathi maieya
Hamaro par hoiau sahaay

Bayan bilahai lel beti ek maangal
Maangal pandat jamaay, he chhathi maieya
Hamaro par hoiau sahaay

🌸 गीत का संपूर्ण हिंदी भावार्थ (Meaning & Explanation)

यह गीत सिर्फ एक प्रार्थना नहीं है; यह एक माँ के सपनों का दस्तावेज़ है। एक व्रती महिला छठी मईया से अपने पूरे परिवार के लिए मन्नत मांग रही है:

  • समर्पण और सेवा (जल-थल सेबलौं): माँ कहती है कि हे छठी मईया, मुझ पर भी अपनी कृपा दृष्टि बनाये रखना। मैंने चारों पहर (पूरी रात) इस घाट के जल और थल की सेवा की है। मैंने पूरी श्रद्धा से आपके पावन चरणों (गोरथारि) की सेवा की है।
  • अखंड सौभाग्य की कामना (मांगलय अहिबात): महिला अपने लिए कुछ नहीं मांगती। वह कहती है कि मैंने अपने घर-परिवार के लिए अन्न, धन और लक्ष्मी मांगी है। और सबसे बढ़कर, युगों-युगों तक का सुहाग (अहिबात/पति की लंबी उम्र) मांगा है।
  • बेटे की तरक्की और सुघड़ बहू (घोड़ा चढ़य लेल बेटा): वह एक ऐसा वीर और यशस्वी बेटा मांगती है जो घोड़े की सवारी करे (यानी सफलता की ऊँचाइयों को छुए)। और उस बेटे के लिए घर को सँवारने वाली एक सुशील पतोहू (बहू) मांगती है।
  • प्यारी बेटी और सुयोग्य दामाद (मांगल पंडत जमाय): वह घर-आँगन को खुशियों से भरने वाली एक प्यारी सी बेटी मांगती है, और उस बेटी के लिए एक अत्यंत ज्ञानी और सुयोग्य (पंडित) दामाद मांगती है।

जब हम इस तरह के पारिवारिक समर्पण की बात करते हैं, तो हमें रक्षाबंधन पर लिखी गई भावुक पारिवारिक कविताओं या जन्म के समय गाये जाने वाले पारंपरिक मैथिली सोहर (Sohar) की याद आ जाती है। मिथिलांचल की संस्कृति को महाकवि विद्यापति की महान रचनाओं ने जो अमरता प्रदान की है, वही अमरता इन गुमनाम लोकगीतों में भी बसती है, जिसे साहित्य अकादमी भी मान्यता देती है।

Evening Ghat Devotion - Maithili Chhath Puja Songs
संध्या अर्घ्य के समय घाट पर दीप जलाते हुए श्रद्धालु, जहाँ छठी मईया के गीत गूंजते हैं।

▶️ छठी मईया का यह अद्भुत और भावुक वीडियो देखें

इस वीडियो को प्ले करें और इस पावन गीत के सुरों में खो जाएँ।

❓ छठी मईया गीत से जुड़े मुख्य प्रश्न (FAQs)

प्र 1: "अहिबात" (Ahibaat) शब्द का क्या अर्थ है?

उत्तर: मैथिली और भोजपुरी लोकगीतों में "अहिबात" का अर्थ है 'सुहाग' या 'पति की लंबी आयु'। इस गीत में व्रती महिला छठी मईया से अपने पति के लिए युगों-युगों का सुहाग मांगती है।

प्र 2: "गोरथारि" (Gorthari) का क्या मतलब होता है?

उत्तर: गोरथारि का शाब्दिक अर्थ 'चरण' या 'पैर' होता है। गीत की पंक्तियों में महिला कहती है कि उसने पूरी रात छठी मईया के चरणों की सेवा की है।

प्र 3: क्या यह गीत केवल महिलाएँ ही गाती हैं?

उत्तर: वैसे तो पारंपरिक रूप से यह गीत महिलाएँ घाट पर एक समूह में गाती हैं, लेकिन संस्कृति मंत्रालय के लोक कला अभिलेखागार के अनुसार, आज कल इसे सुप्रसिद्ध पुरुष और महिला दोनों गायक समान श्रद्धा के साथ गाते हैं।

🙏 छठी मईया आपकी हर मनोकामना पूरी करें!

अगर आप भी अपनी माँ को छठ पूजा की तैयारियों में देखते हुए बड़े हुए हैं, तो यह गीत निश्चित रूप से आपकी आँखों में आँसू ला देगा। भारत सरकार और राज्य सरकारों के प्रयासों से यह पर्व आज ग्लोबल बन चुका है।

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