हमरो के पार लगैया, परमेसरी मइया लिरिक्स (Hamro Ke Par Lagaiya)
छठ पर्व की महिमा शब्दों में बाँधी नहीं जा सकती, इसे केवल महसूस किया जा सकता है। जब घाट पर दीये टिमटिमाते हैं और हवाओं में छठी मईया के कर्णप्रिय मैथिली गीत गूंजते हैं, तो हर आँख नम हो जाती है। ऐसे ही भावुक गीतों की शृंखला में एक अत्यंत मनमोहक गीत है— "हमरो के पार लगैया, परमेसरी मइया"।
इससे पिछले लेख में हमने "हमरो पर होइयौ सहाय हे छठी मईया" के आंसुओं से भीगे अर्थ को जाना था। यह नया गीत केवल एक लोकगीत नहीं है, बल्कि मिथिला के धिया सिया जैसे गीतों की तरह आस्था की वह नाव है, जो हमें भवसागर पार लगाती है। इसे गुनगुनाते ही मन में हमर मनक गाँव की वह सोंधी महक और बिहार के आध्यात्मिक घाटों का अद्भुत दृश्य उभर आता है। आइए, इस पावन लोकगीत के बोल और अर्थ में डूब जाएँ।
🎶 हमरो के पार लगैया (मूल मैथिली लिरिक्स)
आबS हो दीना नाथ भैया,
हमरो के पार लगैया
कथी के दियरा मइया, कथी सुत-बाती
कओने छै लेसबैया, परमेसरी मइया
सोना के दियरा मइया, पाट-सुत बाती हे
अबला नारी लेसबैया, परमेसरी मइया
कथी के नइया मइया, कथी करूआरि हे
किनकर भार लदबैया, परमेसरी मइया
सोना के नइया मइया, रूपा करूआरि हे
नारियल-केरा लदबइया, परमेसरी मइया
लियौ-लियौ अर्घ मइया, होइऔ सहैया
सब दिन पार लगैया, परमेसरी मइया
🎶 Hamro Ke Par Lagaiya (Hinglish Lyrics)
AabS ho deena nath bhaiya,
Hamro ke par lagaiya
Kathi ke diyara maiya, kathi sut-baati
Kaone chhai lesabaiya, parmesri maiya
Sona ke diyara maiya, paat-sut baati he
Abala naari lesabaiya, parmesri maiya
Kathi ke naiya maiya, kathi karooaari he
Kinkar bhaar ladabaiya, parmesri maiya
Sona ke naiya maiya, roopa karooaari he
Nariyal-kera ladabaiya, parmesri maiya
Liyau-liyau argh maiya, hoiau sahaiya
Sab din paar lagaiya, parmesri maiya
🌸 गीत का संपूर्ण हिंदी भावार्थ (Meaning & Explanation)
इस गीत में सवाल-जवाब की एक बहुत ही सुंदर लोक शैली (Folk Style) का प्रयोग किया गया है। एक भक्त परमेश्वरी मईया (छठी मईया) और दीना नाथ (सूर्य देव) से अपनी नाव पार लगाने की गुहार लगा रहा है:
- भवसागर से पार लगाने की प्रार्थना: शुरुआत में व्रती गाती है कि हे परमेश्वरी मईया और हे दीना नाथ भैया, अब आ जाइए और मेरी जीवन रूपी नैया को पार लगा दीजिए।
- दीया और बाती का रहस्य (कथी के दियरा): गीत में प्रश्न पूछा जाता है कि मईया का यह दीया किस चीज का बना है, इसकी बाती किस चीज की है और इसे कौन जला रहा है? उत्तर मिलता है— दीया सोने का है, बाती रेशम (पाट-सुत) की है, और इसे एक अबला नारी (विनम्र और भक्त महिला) जला रही है।
- सोने की नाव और अर्घ्य का भार (कथी के नइया): फिर पूछा जाता है कि घाट पर आई यह नाव किस चीज की है और इस पर क्या लदा है? उत्तर है— नाव सोने की है, उसकी पतवार (करूआरि) चाँदी (रूपा) की है, और इस पर अर्घ्य के लिए नारियल और केले लदे हुए हैं।
- अंतिम पुकार (लियौ-लियौ अर्घ): अंत में व्रती कहती है कि हे मईया, यह पवित्र अर्घ्य स्वीकार करें, हमारी सहायक बनें और हमारे परिवार को हमेशा (सब दिन) इस भवसागर से पार लगाएँ।
मैथिली लोकगीतों की यही मासूमियत और गहराई इन्हें अमर बनाती है। इन गीतों को सुनकर महाकवि विद्यापति की महान रचनाओं की अलौकिक शक्ति का आभास होता है। जिस प्रकार घर-आँगन में खुशियों के लिए मैथिली सोहर (Sohar) गाया जाता है, वैसे ही छठ के गीत परिवार की सुख-समृद्धि की कामना हैं।
यह पारिवारिक प्रेम और समर्पण हमें रक्षाबंधन और भाई-बहन के अटूट प्रेम वाली कविताओं की याद दिलाता है। हमारी इस भारतीय संस्कृति को सहेजने का काम सदियों से ग्रामीण महिलाओं ने किया है, जिसे अब साहित्य अकादमी जैसे संस्थान सराहते हैं।
▶️ छठी मईया का यह अद्भुत और भावुक वीडियो देखें
इस वीडियो को प्ले करें और इस पावन गीत के सुरों में खो जाएँ।
❓ छठी मईया गीत से जुड़े मुख्य प्रश्न (FAQs)
प्र 1: "परमेसरी मइया" (Parmesri Maiya) कौन हैं?
उत्तर: 'परमेश्वरी' का अपभ्रंश 'परमेसरी' है, जिसका अर्थ है सबसे बड़ी देवी। छठ पूजा के गीतों में परमेसरी मईया का संबोधन स्वयं छठी मईया (Chhathi Maiya) के लिए किया जाता है जो सूर्य देव की बहन मानी जाती हैं।
प्र 2: "रूपा करूआरि" (Roopa Karooaari) का क्या मतलब होता है?
उत्तर: 'रूपा' का अर्थ चाँदी (Silver) होता है और 'करूआरि' का अर्थ नाव चलाने वाली पतवार (Oars) होता है। गीत में श्रद्धापूर्वक कहा गया है कि मईया की नाव सोने की और उसकी पतवार चाँदी की है।
प्र 3: छठ गीतों में "दीना नाथ" (Deena Nath) किसे कहा जाता है?
उत्तर: 'दीना नाथ' का अर्थ है दिनों (गरीबों/असहायों) के नाथ यानी भगवान सूर्य देव (Surya Dev)। छठ पर्व मुख्य रूप से भगवान भास्कर और प्रकृति की उपासना का ही महान पर्व है।
🙏 परमेसरी मईया आपकी हर नाव पार लगाएँ!
छठ के यह अद्भुत गीत अतुल्य भारत की धरोहर हैं। भारत सरकार और प्रवासी भारतीयों के कारण आज यह महापर्व पूरी दुनिया में जाना जाता है।
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